Friday, 18 March 2016

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A boy used to serve all of their parents called him his friend if such service of God If you find you are God!
एक बालक अपने  माँ-बाप की खूब सेवा किया करता था उसके दोस्त उससे भी कहते कि अगर इतनी सेवा तुमने  भगवान की की होती तो तुम्हे   भगवान मिल जाते !

But all these items to their parents unaware served! One day his parents were happy with the service, devotion to God came to earth! At that time she was a child, my mother's feet down!
लेकिन इन सब चीजो से  अनजान वो अपने माता पिता की सेवा करता रहाएक दिन उसकी माँ बाप की  सेवा-भक्ति से खुश होकर भगवान धरती पर गये ! उस वक्त वो बालक अपनी   माँ के पाँव दबा रहा था !

Spoke from God out of the door, open the door, son, I was pleased with the service of your parents come to give you the gift!
भगवान दरवाजे के बाहर से बोले- दरवाजा खोलो बेटा  मैं तुम्हारी माता-पिता की सेवा से  प्रसन्न होकर तुम्हे  वरदान देने आया हूँ !

Said the lad - in the service of the mother thought I'll wait for the Lord!
बालक ने कहा - इंतजार करो प्रभु   मैं माँ की सेवा मे लगा हूँ !

God said - look I'll go back!
भगवान बोले - देखो मैं वापस चला जाऊँगा!

Said the lad - you can be of service to the Lord may not add up!
बालक ने कहा - आप जा सकते है  भगवान मैं सेवा बीच मे   नही छोड़ सकता !

After a while, he opened the door to see what God stood out!
कुछ देर बाद   उसने दरवाजा खोला तो  क्या देखता है भगवान बाहर खड़े थे !

God said - hard to get me to do penance is over I got you out of you naturally made me wait!
भगवान बोले - लोग मुझे पाने के लिये  कठोर तपस्या करते है  पर मैं तुम्हे सहज ही मे मिल गया पर तुमने मुझसे प्रतीक्षा करवाई !

Replied the lad - God, you come to me to serve the parents are forced to leave their parent's service in the middle, how do I open the door! That is the essence of life! There is nothing greater in life than our parents! They give us the lives of our parents! The parents of the children cut their belly is spoil your future is our turn, we have the duty not to ever give him grief! Tears in their eyes had never tried a case Kijiyega Whatever! Login must share ......... !!

बालक ने जवाब दिया - हे ईश्वर जिस माँ बाप की सेवा ने   आपको मेरे पास आने को   मजबूर कर दिया  उन माँ बाप की सेवा बीच मे छोड़कर  मैं दरवाजा खोलने कैसे आता ! यही इस जिंदगी का सार है ! जिंदगी मे हमारे  माँ-बाप से बढ़कर कुछ नही है ! हमारे माँ-बाप ही  हमे ये जिंदगी देते है ! यही माँ-बाप अपना   पेट काटकर बच्चो के लिये अपना भविष्य खराब कर देते है  इसके बदले  हमारा भी ये फर्ज बनता है कि  हम कभी उन्हे दुःख ना दे ! उनकी आँखो मे  आँसू कभी ना आये  चाहे परिस्थिति जो भी हो  प्रयत्न कीजियेगा!  जरुर शेयर कीजिये .........!!

Please must read it and decide it's a vision. मोदी ओबामा वार्ता

मोदी ओबामा वार्ता

अपनी अमेरिका की यात्रा के दौरान PM नरेन्द्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा से कहा आप एक विकसित देश हैं तथा दुनिया में सबसे ताकतवर एवं सफलतम देश हैं

Sir !आपकी  सफलता का राज क्या है?

ओबमा ने तुरन्त ही उत्तर दिया Indians !

वह कैसे? आश्चर्य से मोदी ने पूछा

ओबमा ने कहा : आप Reserved candidates लेते हैं जबकि हम Deserved candidates लेते हैं

आपके ही के देश में योग्य लोगों के लिए  कोई स्थान नहीं है जबकि हमारे देश के अधिकांश कम्पनियों के Head लीडर्स तो Deservad Indians ही हैं

वास्तव में लंगडों Reservedकी बैसाखी के सहारे चलने वाला देश कभी विकसित नहीं हो सकता
 Please must read it and decide it's a vision. 

Joks Boy :- जानू अब आप बदल गई हो....

एक कागज का टुकड़ा गवर्नर के हस्ताक्षर से नोट बन जाता है,
जिसे तोड़ने, मरोडने, गंदा होने एवँ जज॔र होने से भी उसकी कीमत कम नहीं होती...
ठीक ऊसी तरह आप भी ईश्वर के हस्ताक्षर है,
जब तक आप ना चाहे आपकी कीमत कम नहीं हो सकती,
आप अनमोल है ,
अपनी कीमत पहचानिये...!!!


Boy :- जानू अब आप बदल गई हो.....
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Girl :- वो कैसे ?
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Boy :- अब मै तुम्हे kiss करता हूँ तो तुम अपनी आँखे बन्द नही करती हो..
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Girl :- हरामखोर , कुत्ते पिछली बार बन्द की थी मेरे पर्स से 500 Rs. गायब थे !!

"लड़की ने प्यार से लडके के सीने पर अपना सर
रखा और बोली :

जानू, आपका दिल कितना कुरकुरा है|

लडका: अरे पगली वो दिल नहीं ,जेब में तम्बाकू
की पुडिया है।

खायेगी?"
तुम रूठ जाओगी तो
मैं मना लूंगा
,
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,
,
,
पर इसका मतलब ये नहीं की
तुम रोज बांदरी जैसा मुह

बनाकर बैठ जाओ

Worship practice too many such things which are not commonly used, but our focus in terms of spiritual worship these things are very important | पूजा साधना करते समय बहुत सी ऐसी बातें हैं जिन पर सामान्यतः हमारा ध्यान नही जाता है लेकिन पूजा साधना की द्रष्टि से ये बातें अति महत्वपूर्ण हैं |

Worship practice too many such things which are not commonly used, but our focus in terms of spiritual worship these things are very important |
पूजा साधना करते समय बहुत सी ऐसी बातें हैं जिन पर सामान्यतः हमारा ध्यान नही जाता है लेकिन पूजा साधना की द्रष्टि से ये बातें अति महत्वपूर्ण हैं |

Bamboo wood burning refuse in scriptures but still people burn incense, which are made of bamboo. Burning incense sticks Pitridosh think. Pooja legislation anywhere in the scriptures do not mention incense | Get written of sunshine everywhere. Good chemical or bamboo sticks are made by the chemical burn will be happy God? Pandit stopped burning incense to all people. Incense to worship in the content you write will host not only the burning question. Yjmano made aware of this truth. Nowadays there is a lot of people blame the parent is one of the reasons the burning of incense.
शास्त्रो में बांस की लकड़ी जलाना मना है फिर भी लोग अगरबत्ती जलाते है, जो कि बांस की बनी होती है। अगरबत्ती जलाने से पितृदोष लगता है। शास्त्रो में पूजन विधान में कही भी अगरबत्ती का उल्लेख नहीं मिलता | सब जगह धूप ही लिखा हुआ मिलता है। अगरबत्ती तो केमिकल से बनाई जाती है भला केमिकल या बांस जलने से भगवान खुश कैसे होंगे ? अगरबत्ती जलाना बन्द करे सब पंडित लोग। पूजन सामग्री में जब आप यजमान को अगरबत्ती लिख कर देंगे ही नहीं तो जलाने का सवाल ही नहीं। इस सत्य से यजमानो को अवगत कराये। आजकल लोगो को पितृ दोष बहुत होते है इसका एक कारण अगरबत्ती का जलना भी है।

1.       गणेशजी को तुलसी का पत्र छोड़कर सब पत्र प्रिय हैं | भैरव की पूजा में तुलसी का ग्रहण नही है|
2.       कुंद का पुष्प शिव को माघ महीने को छोडकर निषेध है |

3.       बिना स्नान किये जो तुलसी पत्र जो तोड़ता है उसे देवता स्वीकार नही करते |

4.       रविवार को दूर्वा नही तोडनी चाहिए |

5.       केतकी पुष्प शिव को नही चढ़ाना चाहिए |

6.       केतकी पुष्प से कार्तिक माह में विष्णु की पूजा अवश्य करें |

7.       देवताओं के सामने प्रज्जवलित दीप को बुझाना नही चाहिए |

8.       शालिग्राम का आवाह्न तथा विसर्जन नही होता |

9.       जो मूर्ति स्थापित हो उसमे आवाहन और विसर्जन नही होता |

10.   तुलसीपत्र को मध्याहोंन्त्तर ग्रहण करें |

11.   पूजा करते समय यदि गुरुदेव ,ज्येष्ठ व्यक्ति या पूज्य व्यक्ति जाए तो उनको उठ कर प्रणाम कर उनकी आज्ञा से शेष कर्म को समाप्त करें |

12.   मिट्टी की मूर्ति का आवाहन और विसर्जन होता है और अंत में शास्त्रीयविधि से गंगा प्रवाह भी किया जाता है |

13.   कमल को पांच रात ,बिल्वपत्र को दस रात और तुलसी को ग्यारह रात बाद शुद्ध करके पूजन के कार्य में लिया जा सकता है |

14.   पंचामृत में यदि सब वस्तु प्राप्त हो सके तो केवल दुग्ध से स्नान कराने मात्र से पंचामृतजन्य फल जाता है |

15.   शालिग्राम पर अक्षत नही चढ़ता | लाल रंग मिश्रित चावल चढ़ाया जा सकता है |

16.   हाथ में धारण किये पुष्प , तांबे के पात्र में चन्दन और चर्म पात्र में गंगाजल अपवित्र हो जाते हैं |

17.   पिघला हुआ घृत और पतला चन्दन नही चढ़ाना चाहिए |

18.   दीपक से दीपक को जलाने से प्राणी दरिद्र और रोगी होता है | दक्षिणाभिमुख दीपक को रखे | देवी के बाएं और दाहिने दीपक रखें | दीपक से अगरबत्ती जलाना भी दरिद्रता का कारक होता है |

19.    द्वादशी , संक्रांति , रविवार , पक्षान्त और संध्याकाळ में तुलसीपत्र तोड़ें |

20.   प्रतिदिन की पूजा में सफलता के लिए दक्षिणा अवश्य चढाएं |

21.   आसन , शयन , दान , भोजन , वस्त्र संग्रह , ,विवाद और विवाह के समयों पर छींक शुभ मानी गयी है |

22.   जो मलिन वस्त्र पहनकर , मूषक आदि के काटे वस्त्र  , केशादि बाल कर्तन युक्त और मुख दुर्गन्ध युक्त हो, जप आदि करता है उसे देवता नाश कर देते हैं |

23.   मिट्टी , गोबर को निशा में और प्रदोषकाल में गोमूत्र को ग्रहण करें |

24.   मूर्ती स्नान में मूर्ती को अंगूठे से रगड़े

25.   पीपल को नित्य नमस्कार पूर्वाह्न के पश्चात् दोपहर में ही करना चाहिए | इसके बाद करें |

26.   जहाँ अपूज्यों की पूजा होती है और विद्वानों का अनादर होता है , उस स्थान पर दुर्भिक्ष , मरण , और भय उत्पन्न होता है |

27.   पौष मास की शुक्ल दशमी तिथि , चैत्र की शुक्ल पंचमी और श्रावण की पूर्णिमा तिथि को लक्ष्मी प्राप्ति के लिए लक्ष्मी का पूजन करें |

28.   कृष्णपक्ष में , रिक्तिका तिथि में , श्रवणादी नक्षत्र में लक्ष्मी की पूजा करें |

29.   अपराह्नकाल में , रात्रि में , कृष्ण पक्ष में , द्वादशी तिथि में और अष्टमी को लक्ष्मी का पूजन प्रारम्भ करें |

30.   मंडप के नव भाग होते हैं , वे सब बराबर-बराबर के होते हैं अर्थात् मंडप सब तरफ से चतुरासन होता है | अर्थात् टेढ़ा नही होता |


31.   जिस कुंड की श्रृंगार द्वारा रचना नही होती वह यजमान का नाश करता है |